कर्वी में स्वच्छ भारत मिशन पड़ा फीका

एक तरफ केन्द्र सरकार पूरे देश को साफ सुंदर बनाने में प्रयासरत् है, ” स्वच्छ भारत मिशन ” को बदनाम करने में तुले हैं कर्मचारी।

और दूसरी तरफ जिला हेडक्वार्टर कर्वी शहर के अंदर जमा कचरे का अंबार प्रसासन की लापरवाही का उदाहरण है।

” स्वच्छ भारत मिशन ” को बदनाम करने में तुले हैं कर्मचारी।

स्वच्छ भारत मिशन पड़ा धुंधला

चित्रकूट: मामला चित्रकूट जिले के कर्वी शहर के एस. डी. एम. कालोनी का है।

जहां न्यायपालिका और ब्यवस्थापिका के अधिकारियों का निवास स्थान भी है।

परंतु यहां की गलियों की हालत खुली और उफनती नालियों एवं कचरे के ढेरों से सुसज्जित हैं।

अधिकारी और कर्मचारी भी इतने जागरूक हैं कि अपने आप को बचा कर निकलते हुए

साफ रहने की तालीम अदा करते नजर आते हैं।

दीपक तले अँधेरा

आम नागरिकों का कहना है कि अनेक बार संबंधित अधिकारियों से लिखित में प्रार्थना भी की गई।

वरन् फिर भी हालत ऐसी है कि जैसे रोगों का गोदाम बनाने की मंशा हो।

जिले के अधिकांश अधिकारियों का अड्डा, तहसील, और ब्लाक के मध्य में बसा यह सुरक्षित और गंदा स्थान सासन प्रसासन की लापरवाही का अनमोल नमूना है।

एक तरफ कोरोना महामारी से दो-दो हांथ करते नागरिक इस कचरे को भी रोगों का जाल समझ परेशान हैं।

बरसात बनीं दुष्मन

ऊपर से बरसता पानी और सड़ता कचरा एवं उससे बहती गंध बयार ने जीना मुश्किल कर रखा है।

चहुंओर गलियों में बहता कचरा देश के कर्णधार नादान बच्चों के खेलने का खिलौना बन चुका है।

न जाने कब बच्चे बीमार पड़ जाएं और लोग अस्पतालों पर लाइन लगाए खड़े हों।

नालियां पहले से ही कचरे से फुल हैं। अब पानी ने उसे सडा़कर और भी परिपक्व अवस्था प्रदान कर दिया है।

समस्या का निदान

यहां के नागरिकों का कहना है कि यह जो कर्वी शहर के अंदर कचरे का अंबार है। दो-चार सफाईकर्मियों की टोली अनवरत् सफाई पर लगाने की जरूरत हैं

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