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हिंदी ताजा समाचार,बच्चों की तस्करी का पर्दाफाश

हिंदी ताजा समाचार, बच्चों की तस्करी के आरोप में मंगलवार को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से ले जा रहे मासूम बच्चों को रेलवे पुलिस की गहन प्रक्रिया के दौरान छुड़ाया गया।
अलीगढ़ रिजर्व पुलिस बल और जीआरपी ने दो दिनों में 26 तस्कर बच्चों को मुक्त कराया है।
वहीं, टुंडला से चार बच्चों को भी रेस्क्यू किया गया है।
अलीगढ़ आरपीएफ के मुताबिक कामाख्या नॉर्थ-ईस्ट ट्रेन से सभी बच्चों को दिल्ली और दूसरे राज्यों में भी भेजा जा रहा था।
बचपन बचाओ आंदोलन से मिली जानकारी के अनुसार 15 बच्चों को बिहार के कटिहार से दिल्ली समेत अन्य शहरों में ले जाया जा रहा था।
सूचना के आधार पर आरपीएफ और चाइल्ड लाइन ने कार्रवाई की और इन बच्चों को ट्रेन की अलग-अलग बोगियों से उतार दिया गया।

आरपीएफ का खुलासा – Hindi Latest News उत्तर प्रदेश

इस बार तस्करों का पैटर्न कुछ अलग निकला। उनके पास हर बच्चे के साथ एक व्यक्ति था। कुल 15 बच्चों के साथ वयस्क मौजूद थे।
आरपीएफ कमांडेंट के मुताबिक बच्चों को कटिहार(विहार) और झारखंड से लाकर विदेस ले जाने हेतु तैयार किया जा रहा था।
बच्चों की उम्र 11 साल से 17 साल के बीच है।
बच्चों के साथ जाने वालों ने बताया कि वे बच्चों को शिक्षा के लिए दिल्ली ले जा रहे हैं।

पूछताछ में शाहिर नाम के शख्स का नाम आ रहा है। पूछताछ अभी जारी है।

आरपीएफ इंस्पेक्टर चमन सिंह तोमर और जीआरपी इंस्पेक्टर अब्दुल मुइज खान ने बताया,

कि फिलहाल बच्चों और उन्हें ले जाने वालों से पूछताछ जारी है।
इस मामले में बचपन बचाओ आंदोलन की टीम को शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है

शिकायत मिलने पर मामला दर्ज किया जाएगा।

मिली हिंदी ताजा खबर, तस्करों के चंगुल से 60 बच्चे मुक्त

यूपी में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों को तस्करों से मुक्त कराया गया है। बचपन बचाओ संस्था की पहल पर अलीगढ़ से 23 और टूंडला से चार बच्चों को रेस्क्यू किया गया है।
25 जून को 33 बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
बच्चन बचाओ आंदोलन के समन्वयक अरशद मेहदी ने कहा,

कि पांच दिनों में उनके संगठन और रेलवे सुरक्षा बल के सहयोग से पूरे उत्तर प्रदेश से 60 बच्चों को बचाया गया है।

प्रयागराज जंक्शन को बनाया गया हब

5 जून को प्रयागराज जंक्शन से एक दिन 33 बच्चों को छुड़ाया गया। बचाए गए सभी बच्चे कटिहार जिले के रहने वाले हैं।
बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक सूर्य प्रताप ने बताया,

कि सूचना मिलते ही आरपीएफ व चाइल्ड हेल्प लाइन को मेल कर दिया गया।

संगठन की पहल पर पांच दिन में 60 बच्चों को मुक्त कराया गया है

अलीगढ़ से सोमवार और रविवार को कुल 30 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है

15 बच्चों के मामले में मामला दर्ज कर आरपीएफ व जीआरपी द्वारा कार्यवाही की जा रही है।

सासन भी सतर्क हो गया है।

माइंडवॉश कर बच्चों को भेजा जाता है

बचपन बचाओ संस्था के सदस्य अरशद ने बताया कि जब तस्करों से पूछताछ की गई तो तस्कर बच्चों को मदरसे में ले जाने की बात करते रहे। और झूठ बोलते रहे कि बच्चों को ले जाने की स्वीक्रति उनके माता-पिता से ली है।
संस्था ने कहा कि बच्चों को बाहर निकालने से पहले उनके आधार कार्ड आदि तैयार कर लिए जाते हैं ।
इसके बाद बच्चों का माइंडवॉश किया जाता है।
माइंडवॉश के बाद बच्चे अपने साथियों को चाचा आदि कहकर बुलाते हैं।
मंगलवार को जब आरपीएफ ने एक मामले में गहन पूछताछ की तो पता चला कि चार बच्चे

शाहिल नाम के व्यक्ति को अपना रिश्तेदार बता रहे थे।
आरपीएफ शाहिल के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी में है।

बचपन बचाओ संस्था की पहल

बचपन बचाओ आंदोलन संस्था के राज्य समन्वयक सूर्य प्रताप ने कहा,

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बच्चों को तस्करों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।
इन तस्करों ने पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों को छुड़ाया है।

अलीगढ़ जंक्शन से 26 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है।

हिंदी ताजा खबर पूरे देश में मचा तहलका

क्या कलयुग अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँच गया है? बच्चों के अंगों का काला धंधा आम हो गया है? देश में पुलिस फेल हो रही है?

बचपन बचाओ संस्था और पुलिस की ओर से मिली हिंदी ताजा समाचार के मुताबिक, बच्चों का
धंधा चल रहा है पुलिस के मुताबिक देशभर से बच्चों को उठाकर विदेशों में सप्लाई किया जा रहा है।