Chitrakoot /चित्रकूट में मौत का तांडव

दहल गया चित्रकूट

Contents hide
3 चित्रकूट में मौत का तांडवप्रकृति के साथ विज्ञान भी समय रहते अपना रंग दिखाना नहीं भूलता।घटना चित्रकूट जनपद के रैपुरा थानांतर्गत उड़की गाँव का है जहां पर आज एक ही किसान परिवार से दो कामगर व्यक्तियों की सांसें छिन गईं।किसानी के कार्य से खेत में बांस गाड़ने गए 55 वर्षीय पप्पू और 45 वर्षीय मुन्ना दोनों भाइयों के बिजली के तारों से संपर्क में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी।सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंच कर आवश्यक कार्यवाही की। परंतु क्या कलम और कानून के माध्यम से उन नन्हे आश्रितों को खुशियां मिल पाएंगी। या समयचक्र का पहिया गुजरते वख्त के साथ इस परिवार की हालत को इनकी किश्मत मानकर आगे निकल जाएगा।

कोरोना का कहर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा,लोगों के दिलों में मौत की दहशत घर कर गयी है। चारों तरफ कोहराम मचा हुआ है। लोग घर में सिमट से गए हैं। किसान की आँखें नम और मजदूर एक वख्त खाकर भी जान बचाकर दुबक गया है। ब्यवसाई के मुंह का रंग पीला पड़ने लगा है। देश की अर्थव्यवस्था जवाब देने को है। इतिहास गवाह है, कि एक सतक में प्रकृति अपना कहर बरपाती है।परंतु इतिहासकार की कलम भी इस बरबादी को अपनी कलम में पिरोने पर रोने लगेगी।

विज्ञान हुआ घातक

चित्रकूट में मौत का तांडव
प्रकृति के साथ विज्ञान भी समय रहते अपना रंग दिखाना नहीं भूलता।
घटना चित्रकूट जनपद के रैपुरा थानांतर्गत उड़की गाँव का है जहां पर आज एक ही किसान परिवार से दो कामगर व्यक्तियों की सांसें छिन गईं।
किसानी के कार्य से खेत में बांस गाड़ने गए 55 वर्षीय पप्पू और 45 वर्षीय मुन्ना दोनों भाइयों के बिजली के तारों से संपर्क में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंच कर आवश्यक कार्यवाही की। परंतु क्या कलम और कानून के माध्यम से उन नन्हे आश्रितों को खुशियां मिल पाएंगी। या समयचक्र का पहिया गुजरते वख्त के साथ इस परिवार की हालत को इनकी किश्मत मानकर आगे निकल जाएगा।

Hindisaphar news: Thanks for visiting.