प्रमाण पत्र

प्रमाण पत्र केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा संबंधित कार्य व पहचान के प्रमाण के लिए सभी भारतीय नागरिकों को प्रदान किया जाता है।


वोटर आईडी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन
कार्ड, पासपोर्ट, निवास प्रमाण पत्र, जाति
प्रमाणपत्र,जन्म प्रमाणपत्र आदि की सरकारी कार्योंं में जरूरत पड़ती है।


प्रमाण पत्र कैसे बनवाया जा सकता है?


इनका क्या उपयोग है?


मृत्यु के बाद इन दस्तावेजों का क्या होता है?


मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी इनको अपने पास रख सकते हैं, या नहीं?
या इनको कहीं वापस करना होता है,
आइए विस्तार से जानते हैं। सभी सवालों के जवाब।

आधार कार्ड ( Aadhar card )

आधार कार्ड आज के समय में व्यक्ति की पहचान, पते के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
जिससे जरिए बैंक अकाउंट, सरकारी योजनाओं का लाभ आदि के लिए आधार संख्या देनी होती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आधार व्यक्ति की पहचान का दस्तावेज है।

रद्द करने का नियम नहीं


मृत व्यक्ति के आधार कार्ड को रद्द करने और दूसरा बनाने की UIDAI के पास कोई प्रक्रिया नहीं है।
हालांकि कानूनी उत्तराधिकारियों या परिवार के सदस्यों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि आधार का गलत इस्तेमाल न हो।
आधार कार्ड को बैंक और डाकघरों द्वारा संचालित आधार केंद्रों से आनलाइन माध्यम से बनवाया या संसोधित करवाया जा सकता है।

मतदाता पहचान पत्र ( Voter Identity card)

मतदाता पहचान पत्र ( Voter Identity card)
को निर्वाचन कार्ड भी बोला जाता है।
जिसको अपने हल्के के बी एल ओ के माध्यम से
और आनलाइन माध्यम से स्वयं व जनसेवा केंद्रों पर आवेदन कर नया बनवाया जा सकता है।
और संसोधन भी करवाया जा सकता है।
मतदाता पहचान पत्र भी एक अहम दस्तावेज है।

प्रमाण पत्र रद्द करने का नियम


हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रजिस्ट्रेशन नियम, 1960 के तहत,
मतदाता पहचान पत्र को व्यक्ति की मृत्यु के बाद कैंसिल कराया जा सकता है।
इसके लिए ‘मृत व्यक्ति के कानूनी उत्तराधिकारी को स्थानीय चुनाव कार्यालय में जाना होगा।
जहां एक विशेष फॉर्म, यानी फॉर्म नंबर 7 को भरना होगा,
और इसे रद करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ जमा करना होगा।

ड्राइविंग लाइसेंस ( driving license )

ड्राइविंग लाइसेंस ( driving license ) परिवहन
विभाग द्वारा आनलाइन परीक्षा पास करने के
पश्चात लर्निंग (learning) और तीन माह पश्चात गाड़ी चलवाकर लाइट लाइसेंस बनाया जाता है।
ड्राइविंग लाइसेंस आनलाइन माध्यम से जनसेवा केंद्रों व आर टी ओ कार्यालय में जाकर भी आवेदन
किया जा सकता है।

प्रमाण पत्र सरेंडर करना जरुरी नहीं


मृतक के ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने या रद्द करने का कोई प्राविधान नहीं है।
हालांकि, प्रत्येक राज्य ड्राइवर के लाइसेंस के मुद्दे, निलंबन और रद्दीकरण को अलग से नियंत्रित करता है, इसलिए इस संबंध में राज्य-विशिष्ट नियमों की पुष्टि करना उचित है।
इसे रद्द करने के लिए संबंधित आरटीओ कार्यालय जा सकते है।
इसके अलावा, वारिस भी मृतक के नाम पर पंजीकृत वाहन को उसके नाम पर स्थानांतरित करने की राज्य-विशिष्ट प्रक्रिया की पुष्टि कर सकते हैं।

पासपोर्ट ( passport )

पासपोर्ट ( passport ) विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
और आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं। जनसेवा केंद्रों और डाकघरों में जाकर आवेदन किये जा सकते हैं।
पासपोर्ट बनने के पश्चात विदेश जाने हेतु अन्य देशों से वीजा लेना पड़ता है।
पासपोर्ट के संबंध में, मृत्यु पर सरेंडर या रद्द करने का कोई प्राविधान नहीं है।
अपेक्षित अधिकारियों को सूचित करने की कोई प्रक्रिया भी नहीं है।
हालांकि, एक बार पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो जाने के बाद, या पासपोर्ट धारक की मृत्यु के उपरांत यह स्वतः ही निस्क्रिय (अमान्य) हो जाता है।

प्रमाण पत्र सरेंडर करना जरुरी नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि कोई आधिकारिक दस्तावेज संबंधित संस्थानों को सरेंडर नहीं किया जाता है तो,
कानून के तहत कोई जुर्माना नहीं है।
हालांकि संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए ताकि आधिकारिक दस्तावेजों का बदमाशों द्वारा दुरुपयोग नहीं किया जा सके।
काफी घोटालेबाज भी इन दिनों ऑनलाइन चक्कर लगा रहे हैं।
और संकट के समय भोले-भाले लोगों का शिकार कर रहे हैं।

पैन कार्ड ( PAN card )

पैन कार्ड ( PAN card) आयकर विभाग भारत सरकार द्वारा द्वारा संचालित एक स्थाई एकल खाता संख्या है।
जिसका उद्देश्य व्यक्ति का लेखा – जोखा रखना है।
ताकि हर व्यक्ति का किसी भी प्रकार के पैसे के लेन – देन का हिंसाब सरकार अपने पास रख सके।
ताकि देश की अर्थव्यवस्था को सुनियोजित ढंग से संचालित किया जा सके। जिसको आनलाइन माध्यम से नजदीकी जनसेवा केंद्रों पर आवेदन कर बनवाया जा सकता है।
जो डाकघर के माध्यम से भेजा जाएगा।

निवास प्रमाण पत्र ( Domicile certificate )

निवास प्रमाण पत्र मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय नागरिकों का पंचायती राज विभाग से बनता है।
और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों का नगर निगम व नगर पालिका से निर्गत होता है।
निवास प्रमाण पत्र व्यक्ति के स्थाई निवास स्थान को प्रमाणित करता है।
जिसको आनलाइन माध्यम से नजदीकी जनसेवा केंद्रों पर आवेदन कर बनवाया जा सकता है।

15 दिनों में प्रमाण पत्र होगा तैयार


आवेदन करने से 15 दिनों के भीतर ही प्रमाणपत्र बनाए जाने का प्राविधान है।
व्यक्ति के मृत्यु के उपरांत भी वारिसान के जमीन व अन्य चल अचल संपत्ति की वरासत, आदि के कार्य
में प्रमाण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा मांगा जा सकता है।
समस्त कार्य निपटाने हेतु इस प्रमाण पत्र व आधार कार्ड को संलग्न कर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन किया जा सकता है।

जन्म प्रमाण पत्र ( Birth certificate )

जन्म प्रमाण पत्र जन्म से 21दिन तक स्वास्थ्य विभाग निर्गत करता है।
और जन्म से 21दिन के पश्चात ग्रामीण व्यक्ति का पंचायती राज विभाग बनाता है।
और नगर निकाय में रहने वाले व्यक्तियों का नगर पालिका/निगम बनाता है।
व्यक्ति के मरने के उपरांत उसकी चल, अचल संपत्ति के वारिसान के बटवारे आदि पर न्यायालय व संबधित विभागों पर जरुरत पड़ सकती है।
जिसे सुरक्षित रखना चाहिए।

म्रत्यु प्रमाण पत्र ( Deth certificate )

मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति के मृत्यु के उपरांत बनवाया जाता है।
ग्रामीण व्यक्ति का मृत्यु प्रमाग पत्र पंचायती राज विभाग से बनता है।
नगर निकाय में रहने वाले व्यक्तियों का प्रमाण पत्र नगर निगम/ पालिका/ परिषद से बनता है।
किसी व्यक्ति के खो जाने के उपरांत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के 7 वर्ष बाद,
मृत्यु प्रमाण पत्र न्यायालय के माध्यम से बनवाया जा सकता है।
म्रत्यु प्रमाण पत्र व्यक्ति के मरने के उपरांत उसके बच्चों के नाम चल/ अचल संपत्ति को हस्तांतरण करने के दौरान काम में आता है।

जाति प्रमाणपत्र (Cast certificate)

जाति प्रमाणपत्र व्यक्ति की जाति का प्रमाण होता है।
आरक्षित श्रेणी के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों का जाति प्रमाणपत्र बनवाया जा सकता है।
पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और अनुसूचित
जन जाति श्रेणी के लोगों का प्रमाण पत्र ‘उप जिलाधिकारी‘ द्वारा निर्गत किया जाता है।
जिसको आनलाइन माध्यम से जन सेवा केंद्र में आवेदन कर बनवाया जा सकता है।
जाति प्रमाणपत्र सामान्य श्रेणी में आने वाले व्यक्ति का वाटर टिकट लगाकर बनवाया जा सकता है।

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