स्वास्थ्य

स्वास्थ्य संबंधी उपाय

स्वामी विवेकानंद ने कहा था, ‘स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग का विकास होता है’। दीर्घायु एवम् रोगमुक्त जीवन के अचूक उपाय,

जिनपर अमल करते हुए हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।

आयुर्वेद और होमोपैथ

जीवन में स्वास्थ्य को बेहतर बनाने हेतु जरुरी बातें। ऋगवेद में स्वास्थ्य संबंधित लिखी गई बातें अनादि काल में ऋषि मुनियों के त्याग तपस्या का फल था।

निम्नलिखित बातों का अनुसरण कर आप अनावश्यक खर्च, कमजोरी और दिमागी असंतुलन से बच सकते हैं।
(1)- 90% रोग केवल पेट से होते हैं। अगर आपके पेट में किसी भी प्रकार की समस्या है,

तो निश्चय मानिये कि आप बडी़ परेशानी का पीछा कर रहे हैंं। अस्तुु स्वास्थ्य सुधार हेेेतु परहेज करना शुरू कर दीजिए।

पेट में कब्ज नहीं होना चाहिए। अन्यथा रोगों की कभी कमी नहीं रहेगी।

स्वास्थ्य संबंधी उपाय

(2)- कुल 13 अधारणीय वेग हैं।

(3)- 160 रोग केवल मांसाहार से होते है।

(4)- 103 रोग भोजन के बाद जल पीने से होते हैं।
भोजन के 1 घंटे बाद ही जल पीना चाहिये।

(5)- 80 रोग चाय पीने से होते हैं।

(6)- 48 रोग ऐलुमिनियम के बर्तन या कुकर के खाने से होते हैं।

(7)- शराब, कोल्डड्रिंक और चाय के सेवन से हृदय रोग होता है।

(8)- अण्डा खाने से हृदयरोग, पथरी और गुर्दे खराब होते हैं।

(9)- ठंडे जल (फ्रिज) और आइसक्रीम से बड़ीआंत सिकुड़ जाती है।

(10)- मैगी, गुटका, शराब, सूअर का माँस, पिज्जा, बर्गर, बीड़ी, सिगरेट, पेप्सी, कोक से बड़ी आंत सड़ती है।

(1)- भोजन के पश्चात् स्नान करने से पाचनशक्ति मन्द हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है।

(12)- बाल रंगने वाले द्रव्यों (हेयर कलर) से आँखों को हानि (अंधापन भी) होती है।

(13)- दूध (चाय) के साथ नमक (नमकीन पदार्थ) खाने से चर्म रोग हो जाता है।

(14)- शैम्पू, कंडीशनर और विभिन्न प्रकार के तेलों से बाल पकने, झड़ने और दो मुहें होने लगते हैं।

(15)- गर्म जल से स्नान से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है।

और शरीर कमजोर हो जाता है। गर्म जल सिर पर डालने से आँखें कमजोर हो जाती हैं।

(16)- टाई बांधने से आँखों और मस्तिष्क को हानि पहुँचती है।

(17)- खड़े होकर जल पीने से घुटनों (जोड़ों) में पीड़ा होती है।

(18)- खड़े होकर मूत्रत्याग करने से रीढ़ की हड्डी को हानि होती है।

भोजन में भी करें सुधार

(19)- भोजन पकाने के बाद उसमें नमक (समुद्री नमक) डालने से रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) बढ़ता है।

(20)- जोर लगाकर छींकने से कानों को क्षति पहुँचती है।

(21)- मुँह से साँस लेने पर आयु कम होती है।

(22)- पुस्तक पर अधिक झुकने से फेफड़े खराब हो जाते हैं और क्षय (टीबी) होने का डर रहता है।

इसलिए स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पढा़ई करते वख्त किताबें चेहरे के सामने रखें, नीचे नहीं।

(23)- चैत्र माह में नीम के पत्ते खाने से रक्त शुद्ध हो जाता है।

मलेरिया नहीं होता और आपका स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

(24)- तुलसी के सेवन से मलेरिया नहीं होता है।

(25)- मूली प्रतिदिन खाने से यूरिक एसिड कम होता है।

(26)- सेंधा नमक प्रयोग करने से शरीर में प्रतिदिन 84 मिनरल्स अर्थात खनिज लवण प्राप्त होते हैं,

और शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर रख सकते हैं।

हालांकि साशन प्रशासन की तरफ से भी तमाम जरूरी स्वास्थ्य संबंधी उपाय किए जाते हैं।

वरन् हमसब जागरूक होकर अपना ध्यान स्वयं रख सकते हैं। और स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।

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